पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना 2026 | पीएम सूर्य घर योजना पात्रता | पीएम सूर्य घर योजना में कितना खर्च आएगा

By: Vishal Singhania

On: January 20, 2026

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) भारत सरकार की एक अभूतपूर्व पहल है, जिसका उद्देश्य देश के आम नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर ले जाना है। यह योजना घरों की छतों पर सोलर पैनल (रूफटॉप सोलर) लगवाने के लिए व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे परिवार न केवल अपनी बिजली की जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी कमा सकते हैं। 13 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 1 करोड़ घरों को सोलर ऊर्जा से जोड़ना और देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

योजना सारांश (एक नजर में)

पहलू मुख्य विवरण
योजना का नाम प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana)
शुरुआत 13 फरवरी, 2024
उद्देश्य देशभर में 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाना
कुल बजट लगभग 75,021 करोड़ रुपये
मुख्य लाभ बिजली बिल में भारी कमी, अतिरिक्त बिजली बेचकर आय
वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी (अनुदान)
सब्सिडी दर 3 kW तक: 60%
3 kW से 10 kW तक: 40% (पहले 3 kW पर 60%, शेष पर 40%)
सामान्य कैटेगरी (10 kW तक): 40%
आवेदन पोर्टल pmsuryaghar.gov.in

योजना के प्रमुख उद्देश्य

  • घरेलू बिजली बिल शून्य करना: लोगों को स्वयं की बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने में सक्षम बनाना, ताकि उनका मासिक बिजली बिल कम हो या खत्म हो।

  • हरित ऊर्जा को बढ़ावा: सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग को प्रोत्साहित करना, जिससे पर्यावरण सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आए।

  • आत्मनिर्भर भारत: देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना।

  • अतिरिक्त आय का स्रोत: घरों को “मिनी पावर प्लांट” बनाना, जहां वे अतिरिक्त उत्पादित बिजली को डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) को बेचकर आमदनी अर्जित कर सकें।

योजना के लाभ और विशेषताएं

  1. उदार सब्सिडी: सरकार द्वारा सिस्टम लागत का एक बड़ा हिस्सा अनुदान के रूप में दिया जाता है, जिससे लोगों पर वित्तीय बोझ कम होता है।

  2. बैंक लोन की सुविधा: शेष राशि के लिए सहयोगी बैंकों से आसान किस्तों पर ऋण की सुविधा उपलब्ध है।

  3. मुफ्त बिजली और आय: एक बार सिस्टम लगने के बाद, 25 साल तक मुफ्त बिजली मिलती है। अतिरिक्त बिजली बेचकर सालाना 15,000 से 18,000 रुपये तक की आमदनी हो सकती है।

  4. पारदर्शी और आसान प्रक्रिया: पूरी प्रक्रिया एक ही केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) के माध्यम से पूरी की जाती है, जिसमें आवेदन से लेकर सब्सिडी की निगरानी तक शामिल है।

  5. रोजगार सृजन: योजना के कार्यान्वयन से सौर ऊर्जा क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पात्रता मानदंड

  • आवासीय संपत्ति: योजना का लाभ केवल आवासीय घरों (Residential Houses) के लिए है। व्यावसायिक या औद्योगिक संपत्तियां इसके दायरे में नहीं आतीं।

  • बिजली कनेक्शन: आवेदक के पास अपने घर का वैध बिजली कनेक्शन (Electricity Connection) होना चाहिए।

  • छत की स्वामित्व/उपयोग: आवेदक के पास सोलर पैनल लगाने के लिए छत पर उचित स्थान और अधिकार होना चाहिए।

  • परिवार की आय: योजना सभी आय वर्ग के लिए खुली है, लेकिन सब्सिडी का लाभ प्रत्येक पात्र घर को मिलेगा।

  • पूर्व में सब्सिडी न ली हो: यदि किसी ने पहले केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य सौर योजना से सब्सिडी ली है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं हो सकता।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)

  • बिजली बिल/कनेक्शन की कॉपी

  • मकान के कागजात (स्वामित्व या कब्जे का प्रमाण)

  • बैंक खाता विवरण (पासबुक/चेकबुक)

  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन प्रक्रिया (चरण दर चरण)

  1. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।

  2. रजिस्ट्रेशन करें: “रजिस्टर” या “साइन अप” के विकल्प पर क्लिक करें। अपना राज्य, बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम), बिजली खाता संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज करें। ओटीपी वेरिफाई करके एक यूजर आईडी क्रिएट करें।

  3. लॉगिन करें: अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।

  4. आवेदन फॉर्म भरें: “आवेदन करें” पर क्लिक करें। फॉर्म में पूछी गई सभी व्यक्तिगत, बिजली कनेक्शन और संपत्ति संबंधी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।

  5. सिस्टम कैपेसिटी चुनें: अपनी औसत मासिक बिजली खपत के आधार पर सोलर प्लांट की क्षमता (जैसे 1 kW, 2 kW, 3 kW) का चयन करें। पोर्टल आपको स्वचालित रूप से अनुमानित लागत, सब्सिडी राशि और ऋण राशि दिखाएगा।

  6. विक्रेता/इंस्टॉलर चुनें: पोर्टल पर उपलब्ध MNRE (नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय) के एम्पैनल विक्रेताओं (वेंडर्स) की सूची में से एक का चयन करें।

  7. बैंक लोन के लिए आवेदन (वैकल्पिक): यदि आप ऋण लेना चाहते हैं, तो पोर्टल पर ही सहयोगी बैंकों में से किसी एक के लिए ऋण आवेदन जमा कर सकते हैं।

  8. टेक्निकल मंजूरी: आपका आवेदन आपकी डिस्कॉम द्वारा तकनीकी रूप से जांचा जाएगा (जैसे, छत की मजबूती, स्थान की पर्याप्तता)। मंजूरी मिलने पर एक अनुमति पत्र (सैंक्शन लेटर) जारी होगा।

  9. सोलर प्लांट इंस्टालेशन: चुने हुए विक्रेता द्वारा आपके घर पर सोलर पैनल सिस्टम की स्थापना की जाएगी।

  10. इंस्पेक्शन और कमीशनिंग: इंस्टालेशन के बाद, डिस्कॉम अधिकारी साइट का निरीक्षण करेंगे और सिस्टम को चालू (कमीशन) कर देंगे।

  11. सब्सिडी प्राप्ति: सिस्टम के कमीशन होने और सभी जरूरी रिपोर्ट अपलोड होने के बाद, सब्सिडी की राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या सच में बिजली मुफ्त मिलेगी?
A: हां, एक बार सोलर प्लांट लगने के बाद, यह दिन के समय आपकी बिजली की जरूरतें सूर्य की रोशनी से पूरी करेगा, जिससे आपके बिजली बिल में भारी कमी आएगी। यदि आपका सिस्टम आपकी जरूरत से अधिक बिजली पैदा करता है, तो वह अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाएगी और आपको उसके बदले में पैसे मिलेंगे, जिससे आपका शुद्ध बिल शून्य या नगण्य हो सकता है।

Q2: 3 kW सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत क्या है?
A: 3 kW सिस्टम की कुल लागत लगभग 1.5 से 1.8 लाख रुपये के बीच हो सकती है। इसमें सरकार की 60% सब्सिडी (लगभग 78,000 रुपये) मिलने के बाद, आपको केवल लगभग 60,000-70,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस शेष राशि के लिए बैंक से आसान किस्तों पर लोन भी लिया जा सकता है।

Q3: क्या मुझे पूरे दिन बिजली मिलेगी? रात में क्या होगा?
A: सोलर पैनल केवल दिन में धूप रहने पर ही बिजली बनाते हैं। इसलिए, रात या बादल छाए रहने के दिनों में, आपको डिस्कॉम (ग्रिड) से बिजली लेनी पड़ सकती है। हालांकि, यदि आपने सोलर बैटरी भी लगवाई है, तो दिन में बचाई गई अतिरिक्त बिजली को रात के लिए स्टोर किया जा सकता है, लेकिन बैटरी की लागत अलग से आती है और वह सब्सिडी के दायरे में नहीं है।

Q4: मेरी छत छोटी है या उस पर पेड़ की छाया रहती है। क्या मैं योजना का लाभ ले सकता हूं?
A: सोलर पैनल लगाने के लिए छत पर पर्याप्त खुली जगह और सीधी धूप का होना जरूरी है। एक 1 kW सिस्टम के लिए लगभग 10 वर्ग मीटर (करीब 100 वर्ग फुट) जगह की आवश्यकता होती है। यदि छत पर लगातार छाया रहती है, तो सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। तकनीकी अनुमति के दौरान डिस्कॉम अधिकारी इसकी जांच करते हैं।

Q5: सिस्टम लगने के बाद रखरखाव (मेंटेनेंस) की क्या जरूरत है?
A: रूफटॉप सोलर सिस्टम का रखरखाव बहुत कम होता है। मुख्यतः पैनलों को समय-समय पर साफ रखना (धूल-मिट्टी हटाना) जरूरी है ताकि उनकी दक्षता बनी रहे। इसके अलावा, इनवर्टर और अन्य उपकरणों की कभी-कभार जांच करवा लेनी चाहिए। अधिकांश विक्रेता लंबी अवधि के वारंटी और सर्विस समझौते भी प्रदान करते हैं।

Q6: क्या मैं खुद कोई विक्रेता चुन सकता हूं, या पोर्टल पर ही चुनना होगा?
A: सब्सिडी प्राप्त करने के लिए, यह अत्यधिक अनुशंसित है कि आप पोर्टल पर सूचीबद्ध MNRE के एम्पैनल विक्रेताओं (Vendors) में से ही किसी एक का चयन करें। यह सुनिश्चित करता है कि विक्रेता और उपकरण सरकार के मानकों के अनुरूप हैं, और सब्सिडी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी।

Q7: आवेदन करने के बाद सब्सिडी आने में कितना समय लगता है?
A: सब्सिडी आमतौर पर सोलर प्लांट के सफलतापूर्वक इंस्टॉल और कमीशन हो जाने के बाद, सभी आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए जाने के कुछ हफ्तों के भीतर आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। पूरी प्रक्रिया (आवेदन से सब्सिडी प्राप्ति तक) की समयसीमा राज्य और डिस्कॉम पर निर्भर करती है।

Vishal Singhania

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम विशाल कुमार है और मैं भारत का रहने वाला हूँ। मैंने 2022 में ब्लॉगिंग शुरू की। मुझे वित्त और व्यवसाय के बारे में लिखने या किसी को बताने का बहुत शौक है। अब मैं aajtak.in की मदद से आपको बिजनेस, फाइनेंस और कई अन्य चीजों से जुड़ी हर जानकारी बताने के लिए तैयार हूं। धन्यवाद

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