प्रधानमंत्री डेयरी लोन योजना 2026 : डेयरी फार्मिंग पर 42 लाख रुपये तक की सब्सिडी | Pashupalan Loan Yojana 2026

By: Vishal Singhania

On: February 17, 2026

यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाना चाहते हैं, तो यह समय आपके लिए सुनहरा है। सरकार पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए किसानों और उद्यमियों को 42 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण आय बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और दुग्ध उत्पादन में तेजी लाना है।

डेयरी उद्योग भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लाखों परिवार दूध उत्पादन से अपनी रोज़मर्रा की आय सुनिश्चित करते हैं। सरकार अब इस क्षेत्र को संगठित और व्यावसायिक रूप देने के लिए बड़े निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।

किस योजना के तहत मिलती है सब्सिडी?

डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की Dairy Entrepreneurship Development Scheme और पशुपालन से जुड़ी अन्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा कई राज्यों में भी अलग से डेयरी प्रोत्साहन योजनाएं संचालित हैं।

इन योजनाओं के अंतर्गत डेयरी यूनिट स्थापित करने, शेड निर्माण, मशीनरी खरीद, दुग्ध शीतकरण इकाई, चारा प्रबंधन और पशु खरीद पर अनुदान दिया जाता है।

कितनी मिलती है सब्सिडी?

सरकार परियोजना लागत के आधार पर सब्सिडी तय करती है। बड़े डेयरी प्रोजेक्ट में कुल लागत का एक निश्चित प्रतिशत अनुदान के रूप में दिया जाता है। कुछ मामलों में यह राशि 42 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

सब्सिडी का प्रतिशत लाभार्थी की श्रेणी पर निर्भर करता है:

  • सामान्य वर्ग: लगभग 25%–33% तक

  • महिला, एससी/एसटी वर्ग: 33% या उससे अधिक

  • संगठित समूह या सहकारी मॉडल: विशेष प्रोत्साहन

बैंक लोन के साथ यह सब्सिडी जुड़ती है, जिससे किसान को शुरुआती निवेश का बोझ कम लगता है।

डेयरी फार्मिंग में निवेश क्यों फायदेमंद है?

  1. नियमित नकद आय – दूध की दैनिक बिक्री से स्थिर आय मिलती है।

  2. बाजार में लगातार मांग – दूध और उससे बने उत्पादों की खपत सालभर रहती है।

  3. कम जोखिम – फसल की तुलना में डेयरी व्यवसाय मौसम पर कम निर्भर रहता है।

  4. सरकारी सहयोग – प्रशिक्षण, टीकाकरण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध रहता है।

यदि आप 10–20 दुधारू पशुओं से शुरुआत करते हैं, तो कुछ वर्षों में यूनिट को बड़े स्तर तक ले जा सकते हैं।

किन कार्यों पर मिलती है सहायता?

सरकार निम्न गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है:

  • दुधारू पशु (गाय/भैंस) खरीद

  • डेयरी शेड निर्माण

  • दुग्ध शीतकरण टैंक

  • मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट

  • चारा भंडारण और उत्पादन

  • बायोगैस प्लांट स्थापना

इससे किसान केवल दूध बेचने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैल्यू एडिशन के जरिए अधिक मुनाफा कमा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया क्या है?

  1. इच्छुक किसान या उद्यमी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करे।

  2. नजदीकी बैंक या वित्तीय संस्था में ऋण के लिए आवेदन करे।

  3. बैंक परियोजना का मूल्यांकन करे और स्वीकृति दे।

  4. संबंधित विभाग सब्सिडी राशि को बैंक के माध्यम से समायोजित करे।

अक्सर सब्सिडी सीधे बैंक खाते में समायोजित होती है, जिससे ऋण राशि कम हो जाती है।

किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

  • आधार कार्ड

  • पैन कार्ड

  • बैंक खाता विवरण

  • परियोजना रिपोर्ट

  • भूमि या किरायानामा दस्तावेज

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

बैंक और संबंधित विभाग पात्रता की पुष्टि के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं।

सरकार का लक्ष्य क्या है?

सरकार चाहती है कि ग्रामीण युवा नौकरी की तलाश में शहर न जाएं, बल्कि गांव में ही रोजगार स्थापित करें। डेयरी सेक्टर में निवेश से:

  • दुग्ध उत्पादन बढ़े

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो

  • महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले

  • निर्यात क्षमता बढ़े

भारत पहले ही दुनिया के प्रमुख दुग्ध उत्पादक देशों में शामिल है। सरकार इस स्थिति को और मजबूत करना चाहती है।

बड़े स्तर पर डेयरी यूनिट कैसे बनाएं?

यदि आप 50 या उससे अधिक पशुओं की डेयरी यूनिट स्थापित करना चाहते हैं, तो आपको बेहतर प्रबंधन प्रणाली अपनानी होगी। इसमें शामिल हैं:

  • संतुलित पशु आहार

  • नियमित स्वास्थ्य जांच

  • स्वचालित दुग्ध मशीन

  • कोल्ड स्टोरेज सुविधा

  • स्थानीय डेयरी या प्रोसेसिंग प्लांट से अनुबंध

उचित योजना से 2–3 वर्षों में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

जोखिम और सावधानियां

हर व्यवसाय की तरह डेयरी फार्मिंग में भी जोखिम होता है। पशु रोग, चारे की कीमत और बाजार दरों में उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है। आप इन जोखिमों को कम करने के लिए:

  • पशु बीमा कराएं

  • नियमित टीकाकरण कराएं

  • गुणवत्ता युक्त नस्ल चुनें

  • बाजार से सीधे जुड़ाव बनाएं

सही रणनीति आपको स्थायी लाभ दिला सकती है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. डेयरी फार्मिंग पर 42 लाख रुपये तक की सब्सिडी कैसे मिलती है?

सरकार परियोजना लागत के आधार पर प्रतिशत तय करती है। बड़े प्रोजेक्ट में कुल अनुदान 42 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

2. कौन आवेदन कर सकता है?

किसान, ग्रामीण युवा, महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह और डेयरी सहकारी संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं।

3. क्या बैंक लोन जरूरी है?

अधिकांश मामलों में बैंक ऋण के साथ ही सब्सिडी मिलती है।

4. क्या छोटे स्तर के डेयरी यूनिट पर भी सब्सिडी मिलती है?

हां, 2–10 पशुओं की यूनिट पर भी सहायता मिलती है, लेकिन राशि कम होती है।

5. क्या महिला और एससी/एसटी वर्ग को अधिक लाभ मिलता है?

हां, विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को अधिक प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।

निष्कर्ष

डेयरी फार्मिंग केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं, बल्कि संगठित और लाभकारी उद्यम बन चुका है। सरकार 42 लाख रुपये तक की सब्सिडी देकर किसानों और युवाओं को बड़ा अवसर देती है। यदि आप ठोस योजना, सही नस्ल और बाजार रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं, तो डेयरी व्यवसाय आपको स्थिर और दीर्घकालिक आय दे सकता है।

Vishal Singhania

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम विशाल कुमार है और मैं भारत का रहने वाला हूँ। मैंने 2022 में ब्लॉगिंग शुरू की। मुझे वित्त और व्यवसाय के बारे में लिखने या किसी को बताने का बहुत शौक है। अब मैं aajtak.in की मदद से आपको बिजनेस, फाइनेंस और कई अन्य चीजों से जुड़ी हर जानकारी बताने के लिए तैयार हूं। धन्यवाद

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