भारत सरकार ने देश के श्रम कानूनों में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए नए लेबर कोड को मंजूरी दे दी है। यह नया श्रम संहिता 2025 में लागू होने वाला है, जो कर्मचारियों के वेतन संरचना से लेकर ग्रेच्युटी और कार्य स्थितियों तक में महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आएगा।
वेतन संरचना में बदलाव
नए लेबर कोड के सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है वेतन संरचना में परिवर्तन। अब कर्मचारियों के मूल वेतन को कुल वेतन का 50% या उससे अधिक करना अनिवार्य होगा। इसका सीधा असर कर्मचारियों की भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी पर पड़ेगा। मूल वेतन बढ़ने से PF में कटौती बढ़ेगी, जिससे रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को अधिक धनराशि मिल सकेगी।
ग्रेच्युटी नियमों में सुधार
नए श्रम संहिता के तहत ग्रेच्युटी के नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ पांच साल के बजाय एक साल बाद ही मिलने लगेगा। इससे अल्पावधि में नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।
काम के घंटे और ओवरटाइम
नए कोड के तहत काम के घंटों और ओवरटाइम के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब कर्मचारियों से एक दिन में 8 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा। सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम कराने पर कर्मचारियों को डबल वेतन देना अनिवार्य होगा।
चार नए श्रम संहिता
सरकार ने चार नए श्रम संहिता लागू किए हैं:
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वेतन संहिता
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औद्योगिक संबंध संहिता
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सामाजिक सुरक्षा संहिता
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व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता
कर्मचारियों पर प्रभाव
नए नियमों से कर्मचारियों को कई लाभ मिलेंगे:
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बेहतर सामाजिक सुरक्षा
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पारदर्शी वेतन संरचना
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समय पर वेतन भुगतान
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बेहतर कार्य स्थितियां
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जल्दी ग्रेच्युटी का लाभ
नियोक्ताओं के लिए बदलाव
नए लेबर कोड नियोक्ताओं के लिए भी नई जिम्मेदारियां लेकर आए हैं:
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वेतन संरचना में बदलाव करना
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HR नीतियों को अपडेट करना
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कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना
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काम के घंटों का सख्ती से रिकॉर्ड रखना
तैयारी के लिए सुझाव
कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए जरूरी है:
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नए नियमों की अच्छी तरह से जानकारी हासिल करें
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वित्तीय नियोजन में इन बदलावों को शामिल करें
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HR नीतियों में आवश्यक बदलाव करें
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कर्मचारियों को नए नियमों से अवगत कराएं
कार्यान्वयन की समयसीमा
सरकार ने नए श्रम संहिता को अप्रैल 2025 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी राज्यों को अपने कानूनों में संशोधन करना होगा। सरकार एक विस्तृत जागरूकता अभियान भी चला रही है।
निष्कर्ष
नए लेबर कोड 2025 भारत के श्रम क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आ रहे हैं। यह सुधार न सिर्फ कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि व्यवसायों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करेगा। सही जानकारी और समय पर तैयारी ही सफलता की कुंजी है।
FAQ
1. नए श्रम संहिता क्या हैं और ये कब लागू होंगे?
नए श्रम संहिता भारत सरकार द्वारा देश के श्रम कानूनों में किए गए ऐतिहासिक बदलाव हैं। इन्हें अप्रैल 2025 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
2. नए श्रम संहिता में वेतन संरचना में क्या बदलाव आएगा?
नए नियमों के अनुसार, कर्मचारियों का मूल वेतन (Basic Salary) उनके कुल वेतन का 50% या उससे अधिक करना अनिवार्य होगा।
3. वेतन संरचना में बदलाव का कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
मूल वेतन बढ़ने से कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) में अधिक कटौती होगी, जिससे रिटायरमेंट के समय उन्हें अधिक धनराशि मिल सकेगी। ग्रेच्युटी की गणना भी बढ़े हुए मूल वेतन पर होगी।
4. ग्रेच्युटी के नियमों में क्या सुधार किए गए हैं?
नए श्रम संहिता के तहत, कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ पांच साल के बजाय एक साल बाद ही मिलना शुरू हो जाएगा।
5. काम के घंटे और ओवरटाइम के संबंध में क्या नए नियम हैं?
अब कर्मचारियों से एक दिन में अधिकतम 8 घंटे और सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा। यदि सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम कराया जाता है, तो नियोक्ताओं को कर्मचारियों को डबल वेतन देना अनिवार्य होगा।
