भारतीय रेलवे, दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है, जो युवाओं को स्थिरता और सम्मानजनक करियर का अवसर प्रदान करता है। इस विशाल तंत्र में प्रवेश के प्रमुख द्वारों में से एक है आरआरबी ग्रुप डी (RRB Group D) की भर्ती परीक्षा। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित यह परीक्षा लाखों उम्मीदवारों के लिए रेलवे में ग्रुप डी स्तर के विभिन्न तकनीकी एवं रखरखाव पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त करती है। यह न केवल एक सरकारी नौकरी है, बल्कि रेलवे के विशाल ढांचे में आगे बढ़ने के अनेक अवसरों की भी शुरुआत है।
एक नजर में: आरआरबी ग्रुप डी 2026
| पहलू | संक्षिप्त विवरण |
|---|---|
| आयोजक | रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) |
| पद स्तर | ग्रुप डी (अब ‘लेवल-1’ के रूप में भी जाना जाता है) |
| मुख्य पद | ट्रैक मेंटेनर, हेल्पर (मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/सिग्नल), असिस्टेंट पॉइंट्समैन आदि |
| शैक्षणिक योग्यता | 10वीं पास + (आईटीआई/एनसीवीटी अप्रेंटिस सर्टिफिकेट) |
| आयु सीमा | 18 से 36 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट) |
| चयन प्रक्रिया | कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) → शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) → दस्तावेज़ सत्यापन → चिकित्सा परीक्षा |
| अनुमानित प्रारंभिक वेतन | ₹28,000 से ₹34,000 प्रति माह (इन-हैंड) |
आरआरबी ग्रुप डी के प्रमुख पद एवं कार्य
इस भर्ती के तहत रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत होने वाले कुछ प्रमुख पद हैं:
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ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV: रेलवे लाइन (ट्रैक) का निरीक्षण, रखरखाव और मरम्मत करना ताकि ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित हो सके।
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हेल्पर/असिस्टेंट (मैकेनिकल): रेल के डिब्बों, इंजनों और विभिन्न यांत्रिक प्रणालियों की मरम्मत एवं देखभाल में सहायता करना।
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हेल्पर/असिस्टेंट (इलेक्ट्रिकल): रेलवे की विद्युत प्रणालियों, जैसे कि ट्रेन में लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग और ट्रैक्शन उपकरणों, के रखरखाव में सहयोग देना।
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हेल्पर/असिस्टेंट (सिग्नल एंड टेलीकॉम): रेलवे के महत्वपूर्ण सिग्नल सिस्टम और दूरसंचार नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने में भूमिका निभाना।
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असिस्टेंट पॉइंट्समैन: रेलवे स्टेशन या यार्ड में ट्रेनों के मार्ग (ट्रैक) बदलने और उनकी आवाजाही को नियंत्रित करने वाले पॉइंट्स तंत्र का प्रबंधन करना।
चयन प्रक्रिया: चार महत्वपूर्ण चरण
आरआरबी ग्रुप डी में चयन एक बहु-चरणीय प्रक्रिया है, जिसमें केवल लिखित परीक्षा ही नहीं, बल्कि शारीरिक क्षमता और दस्तावेजों की पुष्टि भी शामिल है।
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कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT): यह पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसमें 90 मिनट में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक की नकारात्मक अंकन की जाती है। पाठ्यक्रम में निम्न विषय शामिल होते हैं:
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गणित (25 प्रश्न): संख्या पद्धति, प्रतिशत, अनुपात, समय-कार्य, मापन।
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सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति (30 प्रश्न): कोडिंग-डिकोडिंग, श्रृंखला, दिशा-ज्ञान, वेन आरेख, कथन-निष्कर्ष।
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सामान्य विज्ञान (25 प्रश्न): 10वीं कक्षा स्तर का भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान।
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सामान्य जागरूकता और करेंट अफेयर्स (20 प्रश्न): इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, खेल, और विशेष रूप से भारतीय रेलवे से संबंधित तथ्य।
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शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): सीबीटी में सफल उम्मीदवारों को यह परीक्षा देनी होती है। इसमें शारीरिक फिटनेस का परीक्षण होता है, जैसे निश्चित समय में दौड़ लगाना या वजन उठाना। पुरुष और महिला उम्मीदवारों के लिए मानदंड अलग-अलग होते हैं।
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दस्तावेज़ सत्यापन (DV): इस चरण में उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता, आयु, जाति/श्रेणी आदि के मूल प्रमाणपत्रों की जांच की जाती है।
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चिकित्सा परीक्षा: अंत में, यह सुनिश्चित किया जाता है कि उम्मीदवार शारीरिक और दृष्टि संबंधी रेलवे के निर्धारित चिकित्सा मानदंडों पर खरा उतरता है।
वेतन एवं भत्ते: आकर्षक पैकेज
आरआरबी ग्रुप डी पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान ₹18,000 – ₹56,900 प्राप्त होता है। विभिन्न भत्तों को मिलाकर अनुमानित इन-हैंड वेतन लगभग ₹28,776 से ₹34,276 प्रति माह होता है। वेतन संरचना में निम्नलिखित घटक शामिल होते हैं:
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मूल वेतन: ₹18,000
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महंगाई भत्ता (DA): मूल वेतन का एक निश्चित प्रतिशत (वर्तमान में ~58%), जो मुद्रास्फीति के साथ समय-समय पर बदलता रहता है।
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मकान किराया भत्ता (HRA): शहर के वर्गीकरण (X, Y, Z) के आधार पर मूल वेतन का 10% से 30%।
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परिवहन भत्ता (TA)
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अन्य भत्ते जैसे रात्रि ड्यूटी भत्ता आदि।
इसके अलावा, रेलवे कर्मचारियों को मुफ्त/रियायती रेल यात्रा, चिकित्सा सुविधाएं, पेंशन (NPS के तहत) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिलता है।
करियर में आगे बढ़ने के अवसर (प्रमोशन)
रेलवे में ग्रुप डी से शुरुआत करने का मतलब यह नहीं है कि आपका करियर वहीं थम जाएगा। नियमित सेवा, अच्छे कार्य निष्पादन और आंतरिक परीक्षाओं के आधार पर उन्नति के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। एक ग्रुप डी कर्मचारी समय और अनुभव के साथ उच्च पदों तक पहुंच सकता है।
उदाहरण के लिए:
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एक ट्रैक मेंटेनर या हेल्पर आगे चलकर ट्रैक सुपरवाइजर, सेक्शन इंजीनियर जैसे तकनीकी पदों पर पदोन्नत हो सकता है।
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असिस्टेंट पॉइंट्समैन से पॉइंट्समैन और आगे स्टेशन मास्टर के पद तक की यात्रा संभव है।
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रेलवे अपने कर्मचारियों के लिए आंतरिक भर्ती के माध्यम से ग्रुप सी (लेवल-2,3) के पदों पर पदोन्नति के लिए परीक्षाएं भी आयोजित करता है।
तैयारी की रणनीति
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पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को समझें: सबसे पहले आधिकारिक अधिसूचना से पूरे पाठ्यक्रम और प्रश्नों के वितरण को अच्छी तरह समझ लें।
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बेसिक कॉन्सेप्ट्स पर फोकस करें: गणित और विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को मजबूत करें। रटने के बजाय समझने पर जोर दें।
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नियमित अभ्यास और रिवीजन: रोजाना निश्चित समय अध्ययन के लिए दें और पहले पढ़े हुए टॉपिक्स का नियमित रिवीजन करते रहें।
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मॉक टेस्ट और पिछले साल के प्रश्नपत्र: समय प्रबंधन का अभ्यास करने और अपनी तैयारी का आकलन करने के लिए मॉक टेस्ट देना अत्यंत जरूरी है।
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सामान्य जागरूकता के लिए रोजाना पढ़ें: अखबार पढ़ें, रेलवे और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय करंट अफेयर्स पर नजर बनाए रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या आरआरबी ग्रुप डी की परीक्षा देने के लिए आईटीआई अनिवार्य है?
A: हां, वर्तमान नियमों के अनुसार, 10वीं उत्तीर्ण के साथ-साथ आईटीआई (NCVT/SCVT द्वारा मान्यता प्राप्त) से संबंधित ट्रेड में सर्टिफिकेट या नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC) होना आवश्यक है। बिना इसके आवेदन पात्र नहीं माना जाएगा।
Q2: शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में क्या-क्या टेस्ट होते हैं?
A: PET में आमतौर पर शारीरिक सहनशक्ति के टेस्ट शामिल होते हैं, जैसे कि पुरुषों के लिए एक निश्चित दूरी (जैसे 1000 मीटर) एक निश्चित समय में दौड़ना और वजन उठाना। महिला उम्मीदवारों के लिए दूरी और समय अलग हो सकता है। सटीक मानदंड हर भर्ती अधिसूचना में दिए जाते हैं।
Q3: क्या ग्रुप डी की नौकरी स्थायी होती है?
A: जी हां, आरआरबी ग्रुप डी के तहत चयन के बाद मिलने वाली नौकरी स्थायी (Permanent) होती है, न कि अनुबंध आधारित। सफलता पूर्वक प्रोबेशन पीरियड पूरा करने के बाद कर्मचारी को भारतीय रेलवे का एक स्थायी कर्मचारी माना जाता है।
Q4: क्या ग्रुप डी पदों पर महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं?
A: बिल्कुल। अधिकांश ग्रुप डी पद महिलाओं के लिए भी खुले हैं। PET के मानदंड उनके लिए अलग निर्धारित होते हैं। हालांकि, कुछ विशेष शारीरिक मांग वाले कुछ पदों पर प्रतिबंध हो सकता है, जिसकी जानकारी अधिसूचना में दी जाती है।
Q5: ग्रुप डी से ग्रुप सी में प्रमोशन कैसे मिल सकता है?
A: ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति मुख्य रूप से आंतरिक विज्ञापनों के माध्यम से होती है। रेलवे समय-समय पर अपने मौजूदा ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए ग्रुप सी पदों पर भर्ती की परीक्षाएं आयोजित करता है। इन परीक्षाओं में सफलता और सेवा अवधि के आधार पर पदोन्नति दी जाती है।
Q6: परीक्षा का माध्यम क्या होता है? क्या हिंदी में परीक्षा दे सकते हैं?
A: आरआरबी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित की जाती हैं। परीक्षा देते समय उम्मीदवार अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। आमतौर पर यह विकल्प हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होता है। आवेदन करते समय यह विकल्प चुनना होता है।
