मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना किस्त – MP Bhavantar Kist | मध्य प्रदेश के 3.77 लाख सोयाबीन किसानों के खातों में ट्रांसफर हुए 810 करोड़ रुपये

By: Vishal Singhania

On: January 3, 2026

मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए नए साल से पहले एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 दिसंबर, 2025 को राज्य के 3.77 लाख किसानों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana) के तहत कुल 810 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी है। यह भुगतान रतलाम जिले के जावरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘एक क्लिक’ के माध्यम से किया गया।

योजना का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का मुख्य उद्देश्य सोयाबीन किसानों को बाजार में उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित कराना और नुकसान से बचाना है। अक्सर, बाजार में फसल का दाम सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चला जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस योजना के तहत, यदि किसानों को उनकी सोयाबीन की बिक्री पर एमएसपी से कम कीमत मिलती है, तो राज्य सरकार उस नुकसान की भरपाई (Price Deficit Compensation) करती है। इससे किसानों की आय सुरक्षित रहती है और उन्हें खेती जारी रखने के लिए आर्थिक सहारा मिलता है।

भुगतान का विवरण और पृष्ठभूमि

  • ताजा भुगतान: 28 दिसंबर, 2025 को किया गया 810 करोड़ रुपये का यह भुगतान योजना की दूसरी बड़ी किस्त है।

  • पिछली किस्त: इससे पहले नवंबर 2025 में, लगभग 1.32 लाख किसानों को पहली किस्त के रूप में 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया था।

  • कुल सहायता: इन दोनों किस्तों को मिलाकर, अब तक इस योजना के तहत राज्य के सोयाबीन किसानों को 1,100 करोड़ रुपये (810 करोड़ + 300 करोड़ से अधिक) से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

योजना का लाभ किसे मिलता है और भुगतान कैसे तय होता है?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है, जिन्होंने पहले से योजना के लिए पंजीकरण कराया हुआ है। भुगतान की राशि तय करने के लिए तीन मुख्य कीमतों को आधार बनाया जाता है:

  1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मूल्य।

  2. बाजार भाव (Market Sale Price): किसान को वास्तव में बाजार में जो कीमत मिली।

  3. मॉडल भाव (Model Price): सरकार द्वारा तय एक अनुमानित मूल्य, जो आमतौर पर एमएसपी और बाजार भाव के बीच होता है।

भुगतान निम्नलिखित नियमों के आधार पर तय किया जाता है:

  • यदि बाजार भाव, MSP के बराबर या अधिक है: तो किसी अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता नहीं है।

  • यदि बाजार भाव, MSP से कम है लेकिन मॉडल भाव से अधिक है: तो किसान को MSP और मॉडल भाव के बीच के अंतर का भुगतान किया जाएगा।

  • यदि बाजार भाव, मॉडल भाव से भी कम है: तो किसान को MSP और उसके वास्तविक बाजार भाव के बीच के पूरे अंतर का भुगतान किया जाएगा।

भुगतान स्टेटस कैसे चेक करें?

यह जानने के लिए कि आपके खाते में भुगतान की राशि जमा हुई है या नहीं, किसान निम्नलिखित तरीकों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

  1. अपने बैंक खाते की पासबुक अपडेट कराएं।

  2. अपने बैंक शाखा से संपर्क करें।

  3. मोबाइल बैंकिंग एप या एसएमस अलर्ट (DBT मैसेज) की सहायता लें।

अन्य योजनाओं का इंतजार

इस बीच, राज्य के 83 लाख से अधिक किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त के आने का इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 21वीं किस्त पहले ही जारी हो चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार की इस किस्त के लिए किसानों को फरवरी 2026 तक इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि अभी इसकी कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। बाजार में फसल के दाम गिरने पर किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई करके यह योजना उनके आत्मविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में अन्य लंबित किसान कल्याण योजनाओं के भुगतान की भी उम्मीद है, जो राज्य के कृषि समुदाय के लिए और राहत लेकर आएंगे।

Vishal Singhania

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम विशाल कुमार है और मैं भारत का रहने वाला हूँ। मैंने 2022 में ब्लॉगिंग शुरू की। मुझे वित्त और व्यवसाय के बारे में लिखने या किसी को बताने का बहुत शौक है। अब मैं aajtak.in की मदद से आपको बिजनेस, फाइनेंस और कई अन्य चीजों से जुड़ी हर जानकारी बताने के लिए तैयार हूं। धन्यवाद

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